Please wait
राष्ट्रमंडल खेल 2026: अजय बाबू ने भारोत्तोलन में जीता रजत पदक Sudhir wins historic लोक परीक्षाओं में नकल पर शिकंजा और कसेगा, संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश Sudhir wins historic ऑपरेशन 'नवजीवन-II' में झारखंड पुलिस को बड़ी सफलता, 16 सक्रिय माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण Sudhir wins historic प्रधानमंत्री से मिले असम के सांसद, बाढ़ की स्थिति से कराया अवगत Sudhir wins historic पदभार संभालते ही एक्शन में शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पहली समीक्षा बैठक Sudhir wins historic ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री बोले ‘मुझे देश की युवा शक्ति पर बहुत गर्व है’ Sudhir wins historic पीओके भारत का अभिन्न अंग, पाकिस्तान से वार्ता हुई तो सिर्फ यही मुद्दा उठाया जाएगाः राजनाथ सिंह Sudhir wins historic पुरुलिया : रंगदारी वसूलने के आरोप में तृणमूल छात्र परिषद के जिलाध्यक्ष गिरफ्तार Sudhir wins historic पत्रकार हमला प्रकरण में मुख्यमंत्री का सख्त संदेश, गुंडा दमन कानून से कार्रवाई Sudhir wins historic एक करोड़ मुआवजा, केस वापस होंगे; प्रधान के इस्तीफे के साथ ही CJP का आंदोलन खत्म Sudhir wins historic

भाजपा ने बताया तृणमूल का हाथ

सबिना याशमिन का वीडियो किया वायरल

03 Apr 2026

भाजपा ने बताया तृणमूल का हाथ

कोलकाता। कालियाचक में न्यायिक अधिकारियों को घंटों बंधक बनाए जाने की रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना ने अब एक नया और भयंकर राजनीतिक मोड़ ले लिया है। भाजपा के राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रभारी अमित मालवीय द्वारा साझा किए गए एक वीडियो बम ने तृणमूल सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है। मालवीय का दावा है कि यह घटना कोई स्वत:स्फूर्त जन-आक्रोश नहीं, बल्कि सत्ताधारी दल के रसूखदार मंत्रियों और नेताओं के इशारे पर रची गई एक सुनियोजित साजिश थी। इस खुलासे के बाद बंगाल से लेकर दिल्ली तक सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है। अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि घटना वाले दिन कालियाचक के बीडीओ कार्यालय के आसपास तृणमूल के कुछ कद्दावर मंत्रियों की संदिग्ध गतिविधियां देखी गई थीं। भाजपा का सीधा आरोप है कि सात न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने के पीछे स्थानीय आक्रोश की आड़ में एक गहरी राजनीतिक बिसात बिछाई गई थी। 
भाजपा के अनुसार, जिस तरह से भीड़ ने संगठित होकर अधिकारियों को घेरा, वह बिना किसी ऊंचे राजनीतिक संरक्षण के संभव नहीं था। पार्टी अब इस वीडियो को आधार बनाकर ममता सरकार के मंत्रियों की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रही है। 
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे भाजपा की डर्टी ट्रिक्स डिपार्टमेंट की कारस्तानी बताया है। सत्ताधारी दल का कहना है कि हार के डर से भाजपा अब पुराने और काट-छांट किए गए वीडियो के जरिए प्रदेश के मंत्रियों की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रही है। तृणमूल नेतृत्व का तर्क है कि घटना के पीछे असल साजिशकर्ता भाजपा के ही लोग हैं, जो राज्य की कानून-व्यवस्था को चुनौती देकर चुनाव प्रभावित करना चाहते हैं। पार्टी ने इसे भ्रामक और राजनीतिक प्रोपेगेंडा करार देते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। गौरतलब है कि कालियाचक की इस घटना ने न्यायपालिका को भी हिला कर रख दिया था, जिसके बाद मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंपा गया है। अब जब वीडियो के जरिए मंत्रियों और बड़े नेताओं की संलिप्तता के आरोप लग रहे हैं, तो एनआईए की जांच का दायरा बढऩा तय माना जा रहा है। यदि जांच में वीडियो की सत्यता और राजनीतिक हस्तक्षेप के प्रमाण मिलते हैं, तो चुनावी समर के बीच तृणमूल के कई सफेदपोशों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। फिलहाल, कालियाचक की आग अब सियासी बयानों के जरिए पूरे बंगाल में फैल चुकी है।

Comments

No comments to show. Log in to add some!

Other Relevant Stories


भाजपा ने बताया तृणमूल का हाथ
सबिना याशमिन का वीडियो किया वायरल





Download The Taaza Tv App Now to Stay Updated on the Latest News!


play store download
app store download
app img


Breaking News